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राष्ट्रीय शिक्षा नीति की कार्यशाला में शामिल हुई अध्यक्ष प्रभा दुबे, राजधानी में स्थित देश के एकमात्र नशामुक्ति केंद्र की हुई सराहना...

राष्ट्रीय शिक्षा नीति की कार्यशाला में शामिल हुई अध्यक्ष प्रभा दुबे, राजधानी में स्थित देश के एकमात्र नशामुक्ति केंद्र की हुई सराहना...

रायपुर, 17 अक्टूबर 2019

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा विगत दिनों नई दिल्ली में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रारूप व बच्चों में नशे के रोकथाम व इसके व्यापार के उपयोग पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमे छ.ग. राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष प्रभा दुबे शामिल हुई. 

प्रथम दिवस राष्ट्रीय शिक्षा नीति की कार्यशाला में छत्तीसगढ़ से अपने विचार रखते हुए अध्यक्ष प्रभा दुबे ने कहा कि शिक्षा केवल जीवन के लिए होनी चाहिए, न की जीवन यापन करने के लिए. इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम प्रशिक्षण, शिक्षकों के प्रशिक्षण की व्यवस्था आदि तैयार की जानी चाहिए. श्रीमती दुबे ने शाला पूर्व अनौपचारिक शिक्षा के विषय मे भी कई महत्वपूर्ण सुझाव कार्यशाला में दिए.

कार्यशाला में आयोग के सचिव प्रतीक खरे ने कोचिंग संस्थानों के विषय में कहा कि इसका प्रचलन तकनीकी व व्यावसायिक के प्रतिस्पर्धा के कारण बढ़ा है. इसपर ठोस रणनीति तैयार कर बच्चों में छिपी प्रतिभा को बाहर लाना जरूरी है. 

द्वितीय दिवस बच्चों में नशे की रोकथाम व इसके व्यापारिक उपयोग पर आयोग ने कानूनी प्रावधानों को मजबूती से लागू करने व बच्चों का बचपन बचाने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई.

आयोग की अध्यक्ष प्रभा दुबे ने कार्यशाला में उपस्थित राष्ट्रीय आयोग व अन्य राज्यों के अध्यक्षों को बताया कि देश का एकमात्र नशामुक्ति केंद्र रायपुर में स्थित हैं और वहां बच्चों की बेहतर देखभाल की जा रही है, जिसपर राष्ट्रीय बाल आयोग ने इसकी जानकारी देश के सभी आयोगों को उपलब्ध कराने का आग्रह किया, ताकि देश के अन्य राज्यों में भी इस तरह की कार्ययोजना बनाई जा सके.