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कर्नाटक में BJP की राह आसान नही, कांग्रेस-JDS गठबंधन पर संकट

कर्नाटक में BJP की राह आसान नही, कांग्रेस-JDS गठबंधन पर संकट

रायपुर, 24 जुलाई 2019

फ्लोट टेस्‍ट शुरू होने के पहले ही ये साफ तौर पर दिखने लगा था कि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार अपने विधायकों को मनाने में सफल नहीं हो पाई।

कर्नाटक का सियासी उठापटक मंगलवार शाम खत्म हो गया। मंगलवार को कांग्रेस-जेडीएस सरकार फ्लोर टेस्‍ट के बाद अल्पमत के चलते गिर गई। विधानसभा में मंगलवार को एचडी कुमारस्‍वामी ने विश्‍वासमत प्रस्‍ताव पेश किया, हालांकि कुमारस्‍वामी बहुमत साबित नहीं कर पाए। कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के पक्ष में 99 और बीजेपी के पक्ष में 105 वोट पड़े। कर्नाटक में एचडी कुमारस्‍वामी की सरकार 14 महीने ही चल पाई।

मंगलवार को फ्लोर टेस्‍ट के दौरान कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन के 15 बागी विधायक अनुपस्थित रहे। इसके साथ ही कांग्रेस के दो अन्‍य विधायक, एक बसपा विधायक और एक निर्दलीय विधायक भी सदन में नहीं पहुंचे। अब राज्‍य के बीजेपी अध्‍यक्ष बीएस येदियुरप्‍पा के चौथी बार मुख्‍यमंत्री बनने का रास्‍ता साफ हो गया है। पिछले साल कर्नाटक विधानसभा चुनाव के बाद मई महीने में बीएस येदियुरप्‍पा ने मुख्‍यमंत्री पद की शपथ ली थी। लेकिन, बहुमत साबित करने में असफल रहने के कारण 56 घंटे बाद ही उन्‍हें पद छोड़ना पड़ा था। अब उनके फिर मुख्‍यमंत्री बनने की संभावना बन रही है।

चर्चा में ही कुमारस्‍वामी ने दिया था संकेत


मंगलवार को फ्लोर टेस्‍ट शुरू होने के पहले ही ये साफ तौर पर दिखने लगा था कि कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार अपने विधायकों को मनाने में सफल नहीं हो पाई। उनकी सारी कोशिश फेल होती दिख रही थी। शायद कुमारस्‍वामी को पहले ही इसका आभास हो चुका था और वे सीएम पद छोड़ने का फैसला कर चुके थे। विश्‍वास प्रस्‍ताव पर चर्चा में ही कुमारस्‍वामी ने पूर्ण बहुमत खो देने का संकेत दे दिया था

गठबंधन फ्लोर टेस्‍ट शुरू होने तक किसी चमत्‍कार की उम्‍मीद कर रहा था और अंतिम चार दिनों में उसने कोशिश थी कि विश्‍वास मत से न गुजरना पड़े। लेकिन, जब सारी परिस्थिति उनके खिलाफ हो गई तो कुमारस्‍वामी ने किसी दूसरे विकल्‍प की आशा छोड़ दी।

हालांकि सभी सियासी उठापटक के बीच दलबदल विरोधी कानून की कई खामियां भी सामने आई और विश्‍वास मत के दौरान कांग्रेस-जेडीएस नेताओं ने भी यह बात सदन में रखने की कोशिश की। विधानसभा अध्‍यक्ष ने कांग्रेस और जेडीएस के सभी विधायकों को फ्लोर टेस्‍ट के लिए तीन लाइन में खड़ा किया था। हालांकि गठबंधन फ्लोर टेस्‍ट में फेल रहा।

वोटिंग के तुरंत बाद येदियुरप्‍पा की घोषणा

वोटिंग के तुरंत बाद बीजेपी राज्‍य प्रमुख बीएस येदियुरप्‍पा ने राज्‍य सरकार का नेतृत्‍व करने की घोषणा की। हालांकि अगर जमीनी स्‍तर पर देखें तो यह इतना भी आसान नहीं होगा। क्‍योंकि 224 संख्‍याबल वाले विधानसभा में बहुमत हासिल करने के लिए 113 की संख्‍या होनी चाहिए।

वैसे तो बीजेपी सरकार को उपचुनाव तक कोई दिक्‍कत नहीं होगी। लेकिन अगर उपचुनाव में भी कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन एक साथ मिलकर चुनाव लड़ते हैं और परिणाम उनके पक्ष में जाता है तो फिर सियासी उठापटक शुरू हो जाएगी।