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मंत्री जयसिंह अग्रवाल की बड़ी घोषणा: पटेल-कोटवारों को मिलेगा अब दस एकड़ तक का वन अधिकार पत्र, राजस्व संबंधी कार्यों को किया जाएगा सरल

मंत्री जयसिंह अग्रवाल की बड़ी घोषणा: पटेल-कोटवारों को मिलेगा अब दस एकड़ तक का वन अधिकार पत्र, राजस्व संबंधी कार्यों को किया जाएगा सरल

रायपुर, 05 सितम्बर 2019

राज्य शासन की योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पटेल और कोटवारों को वन अधिकार पत्र दिया जाएगा। गुरुवार को बस्तर जिले के लोहण्डीगुड़ा विकासखण्ड के ग्राम बड़ांजी में आयोजित पटेल-कोटवार सम्मेलन में राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि 13 दिसम्बर 2005 से पहले काबिज पटेल और कोटवारों को दस एकड़ तक भूमि का वन अधिकार पत्र दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोटवारों को भी अब असंगठित कर्मकारों को मिलने वाली सभी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

मंत्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने अल्प समय में ही बड़े-बड़े जनहितकारी निर्णय लिए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की कर्जमाफी के साथ-साथ लोहण्डीगुड़ा क्षेत्र में इस्पात संयंत्र की स्थापना के लिए अधिग्रहित 1700 हेक्टेयर से अधिक भूमि को आदिवासी किसानों को वापस करने का ऐतिहासिक कार्य इस सरकार द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि अबूझमाड़ के किसानों को जमीन का पट्टा देने के लिए सर्वे का कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को पूरा करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बन्दोबस्त त्रुटियों का सुधार शीघ्र किया जाएगा।

इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि जनघोषणा पत्र तैयार करते समय सभी जिलों के पटेल और कोटवार संघ के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की गई थी और अब पटेलों और कोटवारों की समस्याओं के समाधान का कार्य सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि राजस्व मंत्री अग्रवाल राजस्व संबंधी कार्यों में आने वाली जटिलताओं को दूर कर कार्य को सरल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिता की जाति के आधार पर पुत्र का जाति प्रमाण पत्र जारी करने का निर्णय इसी सरलीकरण का हिस्सा है। उन्होंने कार्यक्रम में सांसद दीपक बैज की मांग पर 12 सड़कों के निर्माण की घोषणा की। इनमें छिंदबहार लुतुपखना से बारुपाटा तक तीन किलोमीटर, अलनार से पदामीपारा तक 2 किलोमीटर, बेलर खालेपारा से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बेलर तक दो किलोमीटर, सातधार मार्ग से हर्राकोड़ेर 4 किलोमीटर, ककनार चौकी से धर्माबेड़ा तक 4 किलोमीटर, गड़दा कोड़ेनार मार्ग से कानापारा तक 3 किलोमीटर, पखनार मार्ग से केलाउर 4 किलोमीटर, डोंगरीपारा अलवा से मुसागुड़ा कटेनार तक 3 किलोमीटर, कलेपाल बारुपाटा से बुरुंगपाल तक 3 किलोमीटर, भड़ीसगांव से गीदम रोड तक 2 किलोमीटर, मावलीभाटा से मंडवा तक 4 किलोमीटर, गढ़िया अलनार मार्ग से कोकड़ीगुड़ा छेपड़ागुड़ा 2 किलोमीटर तक सड़कों का निर्माण शामिल है।

सांसद दीपक बैज ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में इस्पात संयंत्र के लिए अधिग्रहित 4 हजार एकड़ से अधिक भूमि को किसानों को वापस करने का कार्य किया गया है। इसके साथ ही लोहण्डीगुड़ा में महाविद्यालय की स्थापना भी की जाएगी, जिससे क्षेत्र के युवाओं को पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि लोहण्डीगुड़ा में अनुविभागीय दण्डाधिकारी कार्यालय खुलने से भी क्षेत्र के लोगों को राजस्व संबंधी कार्यों के लिए जगदलपुर जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

इस अवसर पर हितग्राहियों को जाति प्रमाण पत्र और नवीनीकृत राशन कार्ड वितरित किया गया। इस अवसर पर, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन, मुख्यमंत्री के संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी, कलेक्टर डॉ. अय्याज तम्बोली, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी इंद्रजीत चंद्रवाल सहित जनप्रतिनिधिगण एवं पटेल व कोटवार उपस्थित थे।