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विशेष लेख : अब 21 की उम्र से ही शुरू हो रहा है गंजापन, 22 हजार करोड़ का है हेयर ट्रांसप्लांट बाजार, पढ़िये पूरी रिपोर्ट...

विशेष लेख : अब 21 की उम्र से ही शुरू हो रहा है गंजापन, 22 हजार करोड़ का है हेयर ट्रांसप्लांट बाजार, पढ़िये पूरी रिपोर्ट...

आनुवंशिकता, डैंड्रफ, खारा पानी, तेजी से बदलती दिनचर्या के कारण गंजापन तेजी से बढ़ रहा है. विशेषज्ञों की मानें तो देश में करीब करीब प्रत्येक व्यक्ति को बालों की समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इनमें से ज्यादातर लोग इसे अनदेखा कर देते हैं. हेयर ट्रांसप्लांट करवाने वालों की संख्या बीते पांच सालों में 10 गुना बढ़ गई है. वर्तमान में यह 20 फीसदी की रफ्तार से बढ़ रही है. भारत मे हेयर ट्रांसप्लांट की फोलिकल यूनिट एक्सट्रेक्शन (एफयूई) या स्ट्रिप विधि सर्वाधिक लोकप्रिय है.


नामी कम्पनी VLCC के मुताबिक देश में वर्तमान हेयरकयर बाजार 22 हजार करोड़ रुपए का है. यह बाजार करीब आठ से 10 फीसदी प्रतिवर्ष की दर से बढ़ रहा है. इस बाजार में 45 से 50 फीसदी हिस्सा तेल का ही है. वहीं इसमें शैम्पू और हेयर विग भी शामिल है. जबकि हेयर ट्रांसप्लांट या बाल लगवाने की ग्रोथ रेट 20 फीसदी वार्षिक बढ़ रही है. हेयर ट्रांसप्लांट 40 हजार से लेकर 3 लाख रुपए तक में होता है. बाल झड़ने का मुख्य कारण आनुवंशिक है. अगर पिता या माता पक्ष में यह है तो फिर अगली पीढ़ी में भी बाल झड़ने की समस्या आ जाती है. जहां खारा पानी है उन स्थानों पर भी बाल झड़ने के मामलें अक्सर देखने को मिलते हैं.

अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ सलाहकार प्लास्टिक, कास्मेटिक एंड रिकन्सट्रक्टिव सर्जरी डॉ कुलदीप सिंह ने कहा कि अधिक तनाव, कम फिजिकल एक्टिविटी और भोजन में घटते न्यूट्रिशन के कारण भी बालों के झड़ने में तेजी आई है. 25 साल पहले आमतौर पर 40 की उम्र के बाद सिर के बाल झड़ना शुरू होते थे, अब 21 की उम्र से ही बाल झड़ना शुरू हो रहें हैं. 

देश में हेयर ट्रांसप्लांट के लिए एफयूई लोकप्रिय :-

प्लास्टिक, कास्मेटिक एंड हेयर ट्रांसप्लांट सर्जन के अनुसार हेयर ट्रांसप्लांट के दो तरीके प्रचलित हैं. पहला फोलिकल यूनिट ट्रांसप्लांट (एफयूटी) या स्ट्रिप मैथड है. इसमें सर्जरी होती है. माइक्रो स्कोप के जरिये एक-एक बाल को अलग कर लगाया जाता है. वहीं दूसरी विधि फोलिकल यूनिट एक्सट्रेक्शन (एफयूई) है इसमें बिना टांके या चीरे के बालों को सिर में लगाया जाता है. अब ट्रांसप्लांट मैनुअल के साथ ही रोबोटिक भी होने लगा है. रोबोटिक सर्जरी थोड़ी महंगी होती है. ट्रांसप्लांट के अलावा हेयर विग, पैच और वीविंग भी लोग करवाते हैं.