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राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल ने उर्वरक एवं कीटनाशी विनिर्माण इकाईयों का किया औचक निरीक्षण

राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दल ने उर्वरक एवं कीटनाशी विनिर्माण इकाईयों का किया औचक निरीक्षण

रायपुर| कृषि विभाग द्वारा गठित राज्य स्तरीय उड़नदस्ता दलों ने उर्वरक एवं कीटनाशी विनिर्माण इकाईयों का औचक निरीक्षण किया। इन दलों ने आज राजधानी रायपुर के भनपुरी, उरला और महासमुंद जिले के विभिन्न उर्वरक और कीटनाशक उत्पादक इकाईयों की सघन जांच की। उर्वरक और कीटनाशी इकाईयों में उर्वरक नियंत्रण आदेश का उल्ल्ंाघन पाये जाने पर स्कंध को बंद किये जाने की कार्रवाई की गई तथा जांच के लिए नमूना लिया गया तथा महासमुंद जिले की एक इकाई को विनिर्माण एवं विक्रय प्रतिबंध लगाकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। संचालक कृषि ने बताया है कि जिला रायपुर के भनपुरी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित उर्वरक निर्माण इकाई मेसर्स माधव एग्रो केम प्रा.लि. में श्री मयंक बघेल, सहायक संचालक कृषि के द्वारा निरीक्षण किया गया। परिसर में स्थित गोदामों की भौतिक स्थिति बहुत खराब पायी गई, जिससे भण्डारित उर्वरकों की गुणवत्ता प्रभावित होना संभावित है। साथ ही उक्त फर्म द्वारा उर्वरक आदेश 1985 के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन किया जाना पाये जाने पर मेसर्स माधव एग्रो केम प्रा.लि. कि भनपुरी स्थित उक्त परिसर में तत्समय भण्डारित समस्त उर्वरकों, सूक्ष्म पोषक तत्वों के समस्त स्कंध को निरूद्ध किये जाने की कार्यवाही की गई तथा जांच हेतु नमूने लिए गए। उरला औद्योगिक क्षेत्र में स्थित मेसर्स अल्फा बायो प्रोडक्ट के उर्वरक एवं कीटनाशी विनिर्माण इकाई में श्री अमित कुमार सिंह, सहायक संचालक कृषि के द्वारा निरीक्षण किया गया। परिसर में विभिन्न सुरक्षा मानकों में कमी पायी गई। कार्यरत मजदूरों के द्वारा कीटनाशक विनिर्माण कार्य में संलग्न रहते श्वसन मास्क एवं दस्तानों का उपयोग नहीं किया जाना पाया गया। इसके साथ ही संस्थान में कार्यरत मजदूरों का स्वास्थ्य परीक्षण नवम्बर 2018 के बाद से नहीं कराया गया, कीटनाशक विषाक्तता से प्रभावित होने पर उपयोग होने वाले ऐन्टीडोट भी नहीं पाया गया जिनका लायसेंस संस्था के द्वारा प्राप्त नहीं किया गया था और न ही भारत सरकार से रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया था। कीटनाशी अधिनियम 1968 का उल्लंघन किये जाने के कारण उपलब्ध स्कंध को निरूद्ध करके कारण बताओ सूचना जारी किया गया। इसी प्रकार बोरान सूक्ष्म पोषक तत्व का बिना लायसेंस पैकिंग करना पाया गया। उर्वरक आदेश 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन पाकर उपलब्ध स्कंध को निरूद्ध किये जाने की कार्यवाही की गई तथा जांच हेतु नमूना लिया गया। इसी प्रकार तीसरे उड़न दस्ता दल के द्वारा जिला महासमुंद में स्थित उर्वरक विनिर्माण एवं विक्रय इकाई मेसर्स श्री तुलसी फास्फेट लिमिटेड बिरकोनी महासमुंद के विनिर्माण एवं विक्रय परिसर में डॉ. सुमित सोरी, सहायक कृषि के द्वारा निरीक्षण किया गया। परिसर में उर्वरक आदेश 1985 का उल्लंघन पाया गया। जिसके आधार पर 21दिवस का विनिर्माण एवं विक्रय प्रतिबंध लगाकर कारण बताओ सूचना जारी किया गया।