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इस युवा डिप्टी कलेक्टर के हौंसले को दिल से सलाम...कोरोनो संकट से लड़ने रिटायरमेंट तक हर महीने एक दिन का वेतन करेंगी दान...लोगों की मिल रही शाबाशी

इस युवा डिप्टी कलेक्टर के हौंसले को दिल से सलाम...कोरोनो संकट से लड़ने रिटायरमेंट तक हर महीने एक दिन का वेतन करेंगी दान...लोगों की मिल रही शाबाशी

मुंगेली, 20 मई 2020 

मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है. इस बात को चरितार्थ किया है छत्तीसगढ़ के छोटे से जिले मुंगेली की डिप्टी कलेक्टर अनुराधा अग्रवाल ने जो अब हर महीने अपने एक दिन का वेतन दान करेंगी. अनुराधा का कहना है कि जब तक वह प्रशासनिक नौकरी करेंगी, तब तक वो अपना वेतन दान करेंगी. इसके लिए उन्होंने बकायदा प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सचिव को पत्र भी लिखा है. इस पत्र में उन्होंने वेतन के अंशदान एक दिन का वेतन हर महीने मुख्यमंत्री सहायता प्रकोष्ठ में देने व कटौती करने का आग्रह किया है.


डिप्टी कलेक्टर अनुराधा ने कहा कि कोरोना की वजह से उपजे संकटकाल में बहुत से ऐसे लोग हैं, जो आर्थिक रूप से कमजोर हो चुके हैं. ऐसे तबकों के उत्थान के लिए वो ऐसा कर रही हैं. अनुराधा पिछले तीन साल से डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं. वर्तमान में उनकी उम्र 35 साल है. अब 30 सालों की उनकी शासकीय सेवा बची हुई है. हर महीने मिलने वाले वेतन करीब 60 हजार रुपए में से यह पैसा कटेगा.

आपको बता दें कि जांजगीर जिले के सक्ति की रहने वाली अनुराधा दोनों पैरों से दिव्यांग होते हुए भी अमिताभ बच्चन के प्रसिद्ध खेल शो कौन बनेगा करोड़पति के मंच पर अपनी काबिलियत का लोहा मनवा चूंकि हैं.


उल्लेखनीय है कि अनुराधा ने शारिरीक बाध्यता को मत देकर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की परीक्षा पास कर डिप्टी कलेक्टर जैसे ओहदे पर पहुंची है. अनुराधा की इस पहल को लोगों ने नेक बताते हुए उन्हें शाबाशी भी दे रहे हैं.